फरीदाबाद में क्लीन एयर फंड का दुरुपयोग: RTI में बड़ा खुलासा, हवा साफ़ करने के नाम पर बन गया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

हरियाणा के औद्योगिक शहर फरीदाबाद से एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। एक हालिया RTI (सूचना का अधिकार) के जवाब में पता चला है कि फरीदाबाद नगर निगम (MCF) ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत मिली 107 करोड़ रुपये की राशि का बड़ा हिस्सा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण में खर्च कर दिया।
यह राशि केंद्र सरकार द्वारा फरीदाबाद की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए भेजी गई थी, लेकिन इसका उपयोग एक ऐसे प्रोजेक्ट में कर दिया गया जिसका मुख्य उद्देश्य पानी की सफाई था, न कि हवा की।

इस खुलासे ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि भारत के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक फरीदाबाद में प्रदूषण नियंत्रण योजनाओं की दिशा कितनी भटक चुकी है।
------------------------------------------------------------------
🔹 क्या है नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP)?

साल 2019 में केंद्र सरकार ने NCAP (National Clean Air Programme) की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य था देश के 131 से ज्यादा प्रदूषित शहरों की हवा को स्वच्छ बनाना। इस योजना के तहत हर शहर को अलग-अलग फंड दिए गए ताकि वहां की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

NCAP का लक्ष्य था कि वर्ष 2024 तक PM₁₀ और PM₂.₅ (Particulate Matter) के स्तर को 20 से 30 प्रतिशत तक कम किया जाए।
इन फंड्स का उपयोग ग्रीन बेल्ट बढ़ाने, धूल नियंत्रण मशीनें लगाने, प्रदूषण स्रोतों की पहचान करने, ई-वेस्ट और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सुधारने जैसे कार्यों में किया जाना था।

लेकिन RTI से पता चला कि फरीदाबाद नगर निगम ने इन निधियों का इस्तेमाल एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने में कर दिया, जो वायु प्रदूषण नियंत्रण से सीधे तौर पर संबंधित नहीं है।
------------------------------------------------------------------
🔹 RTI में क्या-क्या खुलासा हुआ?

एक स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ता द्वारा दाखिल की गई RTI में यह सामने आया कि 107 करोड़ रुपये की राशि में से लगभग 50 करोड़ रुपये को STP परियोजना में ट्रांसफर कर दिया गया।
जब यह मामला केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पास पहुँचा, तो उन्होंने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि:

“NCAP फंड का उद्देश्य वायु प्रदूषण कम करना है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का इस योजना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।”

RTI जवाब में यह भी पाया गया कि शहर में कई महत्वपूर्ण एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन पिछले 6 महीनों से निष्क्रिय हैं, और धूल नियंत्रण मशीनें जिन पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, वे भी उपयोग में नहीं लाई जा रही हैं।
------------------------------------------------------------------
🔹 फरीदाबाद की वायु गुणवत्ता की स्थिति

फरीदाबाद कई सालों से देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा है।
वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट (IQAir) के अनुसार, फरीदाबाद अक्सर “Red Zone” यानी अत्यधिक प्रदूषित श्रेणी में आता है।
2024 के अंत तक शहर में PM₁₀ का औसत स्तर 260 µg/m³ और PM₂.₅ का स्तर 140 µg/m³ रहा, जो कि राष्ट्रीय मानक से 2 से 3 गुना ज्यादा है।

हालांकि, NCAP के तहत वादा किया गया था कि 2025 तक प्रदूषण के स्तर में 30% की कमी लाई जाएगी, लेकिन RTI में खुलासा हुआ कि अब तक केवल 17% की कमी ही दर्ज की जा सकी है — वह भी अधूरी परियोजनाओं के बावजूद।
------------------------------------------------------------------
🔹 MCF का पक्ष: “STP से बदबू और धूल में कमी आएगी”

फरीदाबाद नगर निगम ने अपने बचाव में कहा है कि STP परियोजना भी अप्रत्यक्ष रूप से वायु प्रदूषण घटाने में सहायक हो सकती है।
उनके अनुसार, नालों और खुले सीवेज से निकलने वाली बदबू और गैसें स्थानीय वातावरण को दूषित करती हैं, और सीवेज के उपचार से यह स्थिति सुधर सकती है।

MCF अधिकारियों ने यह भी कहा कि STP बनने के बाद आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में धूल और गंध में कमी आएगी, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार हो सकता है।

लेकिन CPCB ने इस दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि —

“STP जल प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ा है, न कि वायु गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम से।”

इसलिए यह कदम NCAP दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।
------------------------------------------------------------------
🔹 पर्यावरण विशेषज्ञों की राय

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि फरीदाबाद जैसे औद्योगिक शहर में प्रशासन को सबसे पहले धूल प्रदूषण, वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक धुएं, और निर्माण स्थलों पर नियंत्रण जैसे उपायों पर फोकस करना चाहिए था।

गुरुग्राम स्थित एनवायरनमेंटल रिसर्च सेंटर की प्रमुख डॉ. सीमा ठाकुर कहती हैं —

“सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हवा नहीं, पानी की सफाई करता है। इस पर क्लीन एयर फंड खर्च करना गलत प्राथमिकता का उदाहरण है। इससे असली समस्या जस की तस बनी रहेगी।”

उनका कहना है कि फरीदाबाद में निर्माण स्थलों पर धूल उड़ने से सबसे अधिक प्रदूषण होता है।
शहर में लगभग 350 से अधिक बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिनमें से आधे में धूल नियंत्रण नेट या पानी का छिड़काव नहीं होता।
ऐसे में NCAP के पैसे को ग्रीन ज़ोन डेवेलपमेंट और डस्ट मैनेजमेंट मशीनों पर खर्च किया जाना चाहिए था।
------------------------------------------------------------------
🔹 जनता की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने भी इस खुलासे पर नाराज़गी जताई है।
सेक्टर 82 निवासी अजय चौहान कहते हैं —

“हम रोज़ धूल और धुएं में सांस लेते हैं, लेकिन हवा साफ़ करने के नाम पर पैसा कहीं और चला गया। शहर में मशीनें हैं लेकिन सड़कें फिर भी धूल से भरी हैं।”

वहीं एक सामाजिक कार्यकर्ता नेहा मलिक का कहना है कि सरकार को अब ऐसे प्रोजेक्ट्स की थर्ड-पार्टी ऑडिट करवानी चाहिए ताकि फंड के सही इस्तेमाल की जांच हो सके।
------------------------------------------------------------------
🔹 राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी नगर निगम पर निशाना साधा है।
कांग्रेस के स्थानीय पार्षद ने आरोप लगाया कि यह फंड ट्रांसफर एक “बजट मैनेजमेंट स्कैम” है, जहाँ फंड का उपयोग दूसरी योजनाओं में दिखा कर रिपोर्टिंग को पूरा दिखाया गया।

वहीं MCF प्रशासन का कहना है कि सभी कार्य राज्य सरकार की अनुमति से किए गए हैं, और STP परियोजना “पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर” के दायरे में आती है।
------------------------------------------------------------------
🔹 CPCB की चेतावनी और भविष्य की दिशा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस मामले में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) को नोटिस भेजा है और फंड के पुन: आवंटन (reallocation) की मांग की है।
CPCB ने यह भी कहा है कि अब से NCAP से जुड़ी सभी परियोजनाओं के लिए पूर्व-स्वीकृति और मासिक ऑडिट जरूरी होंगे।

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि फरीदाबाद जैसे शहरों में Air Quality Monitoring Network, Green Buffer Zone Development, और Emission Tracking सिस्टम को मजबूत किया जाए।
------------------------------------------------------------------
🔹 भविष्य की उम्मीद: सुधार की राह

हालांकि विवाद के बावजूद, अब उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन आने वाले महीनों में फंड का उपयोग सही दिशा में करेगा।
फरीदाबाद में धूल नियंत्रण वाहनों की नई खेप, ग्रीन बेल्ट निर्माण, और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम जैसी परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं।
अगर ये योजनाएँ समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में फरीदाबाद की वायु गुणवत्ता में वास्तविक सुधार देखने को मिल सकता है।
------------------------------------------------------------------
निष्कर्ष

फरीदाबाद का यह मामला सिर्फ एक शहर का नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि भारत के कई शहरों में पर्यावरण योजनाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता कितनी कमजोर है।
क्लीन एयर जैसी योजनाओं का असली उद्देश्य तभी पूरा हो सकता है जब फंड का उपयोग सही दिशा में, पारदर्शी तरीके से और जनता की भागीदारी के साथ किया जाए।

RTI के इस खुलासे ने प्रशासन के सामने एक सख्त सबक रखा है —
हवा की सफाई केवल रिपोर्टों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर ईमानदार काम से होगी।

Back to Home
Sponsored Ads

Digital Growth & Technology Services

TheDayspring is a full-service digital growth agency helping businesses scale through technology, marketing, and automation. We focus on long-term value, not one-time projects.

Website & Web Application Development

We build scalable, secure, and conversion-focused websites and web applications designed for long-term business growth. Our development approach focuses on performance, SEO, and future scalability.

  • Corporate & Business Websites
  • Custom CMS & Admin Panels
  • Landing Pages for Lead Generation
  • Web Apps, Dashboards & Portals
  • API & Third-Party Integrations
  • High-Speed Hosting & Security Setup

Mobile App Development

From idea validation to deployment, we develop Android and iOS applications that solve real business problems and deliver seamless user experience.

  • Android & iOS App Development
  • Backend & Admin Panel Integration
  • Payment Gateway Integration
  • Push Notifications & Analytics
  • App Store & Play Store Launch

Performance Marketing & Paid Advertising

Our performance marketing strategies are built around ROI, qualified leads, and measurable growth using data-driven advertising systems.

  • Google Search, Display & YouTube Ads
  • Facebook & Instagram Ads
  • LinkedIn Ads for B2B Brands
  • Conversion Tracking & Funnel Setup
  • Monthly Performance Reports

SEO & Organic Growth Strategy

We help brands rank, convert, and dominate search results with long-term SEO strategies focused on buyer-intent traffic.

  • Technical SEO Audits
  • On-Page & Content SEO
  • Local & International SEO
  • Competitor & Keyword Research
  • Monthly Ranking & Growth Reports

Branding, UI/UX & Creative Design

Strong branding builds trust. We design visual identities and digital experiences that position your business as a premium brand.

  • Logo & Brand Identity Design
  • UI/UX for Websites & Apps
  • Ad Creatives & Social Media Designs
  • Corporate Presentations & Pitch Decks

CRM, Automation & Business Systems

We implement smart CRM and automation systems to manage leads, customers, and operations efficiently.

  • Custom CRM Development
  • Sales & Lead Automation
  • WhatsApp, Email & SMS Integration
  • Analytics & Business Intelligence
  • Third-Party Software Integration